Rahat indori sad shayari 2 line

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Rahat indori sad shayari 2 line

                        Rahat Indori Shayari

  • Top Hindi Shayari of World Famous Shayar Rahat Indori.
Rahat indori sad shyari
अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​,


फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​,
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​,
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।


लू भी चलती थी तो बादे-शबा कहते थे,
पांव फैलाये अंधेरो को दिया कहते थे,
उनका अंजाम तुझे याद नही है शायद,
और भी लोग थे जो खुद को खुदा कहते थे।
हाथ ख़ाली हैं तेरे शहर से जाते जाते,
जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते,
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है,
उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते जाते।
तेरी हर बातमोहब्बत में गँवारा करके​,
दिल के बाज़ार में बैठे हैं खसारा करके​,

मैं वो दरिया हूँ कि हर बूंद भंवर है जिसकी​,​​

तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके।
आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो,
ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो,
एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तो,
दोस्ताना ज़िंदगी से मौत से यारी रखो।

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